अफसर बाबू
नमस्कार, साहब आये तो अफ़सर बाबू दौड़ पड़े ! "अफसर" या ऑफिसर ,साहब, इन सभी शब्दो को सुन कर हमारे दिमाग में एक ऐसे व्यक्त्वि की छवि उभरती है ,जो अनुशासित शालीन हो ,रॉब तो ऐसा की कर्मचारी खौफ से काँपने लगे,तुरन्त फैसले करने वाला ,समय का पाबन्द ओर सबसे पहले एक 'जिम्मेदार इंसान ' ! आपने कभी न कभी किसी अफसर,अधिकारी को देखा तो होगा ओर उसके काम करने के तरीके से , व्यक्त्वि से आकर्षित होने से आप अछूते भी नही रहे होंगे , आजके मन मे भी किसी ऊँचे पद पर काम करने की इच्छा जागी होगी ! हमारे यहां ओर किसी सरकारी अफसर को किसी राजा से कम नही आँका जाता , लाखो युवा इन्हें अपना आदर्श मानते है , इनकी जीवनशैली को अपनाना चाहते है ,लेकिन एक अफसर का जितना बड़ा पद होता है उससे बड़ी होती है उस पद -ओहदे की गरिमा और जिम्मेदारी ओर उतना ही बड़ा उसे पाने का संघर्ष और परिश्रम, खेर ये तो बात हुई एक अफसर ,अधिकारी के प्रति हमारे विचारो की , लेकिन हाल के इस कोरोना महामारी के दौर में हमे इनका एक अलग चेहरा देखने को मिला है ,वह जो कहि -कहि पर सच भी है ! अभी कुछ समय पहले एक शादी रुकवाने गए किसी प्रशासनि...