स्टूडेंट

 सुना है छाबड़ा जी के बेटे का सेलेक्शन हो गया है ? तुम कितने नम्बर् से रह गए? अरुण आई.टी.आई. करलेना, तुम्हारे लिए वही काफी होगा ! अच्छा कमा लोगे , बस तुम्हारी  अंजू ग्रेजुएट हो जाए  , लड़का देखने की जिम्मेदारी मुझ छाबड़ा पर छोड़ दो, लड़किया कितना पड़ लेती है ,ऐसे ही ना जाने कितने छाबड़ा अंकल आपके ओर मेरे घर आकर आपके लिए फिक्र करते है और अपने ख़यालो को आप पर लपेट कर  चल देते है! ऊपर लिखी कुछ बातों से लगा ना आपको भी जुड़ाव , ओर शायद एक अजीब से चिढ़ भी आई होगी और याद आये होंगे कुछ अंकल -आंटी ,ओर न जाने कितने दूर के या पास के रिश्तेदार जिन्हें अपने बच्चो की खबर तो खैर है नही !

 बेचारे भोले माँ-बाप तो अपने बच्चो की चिंता में डूब जाते है की बच्चा क्या करेगा? ,कैसे पढ़ेगा? ओर उससे ज्यादा इस बात की चिंता की ये चार लोग क्या कहेंगे/सोचेंगे? अब ये चार लोग कोन है पता नही ? एक तरफ माँ-बाप की चिंता, आशाए ओर अपने बच्चो से प्यार और एक तरफ ये दुनिया और उसमें बसे  लोग ओर रिश्तेदार  , इन सब के बीच घिरा होता है या होती है एक 'स्टूडेंट' ,छात्र बोलो या बच्चा , उसके मन मे क्या चल रहा होता है? न जाने कितने सवालो, उलझनो के बवंडर में वो जूझता है इसका जवाब हम ओर आप अच्छे से जानते है क्योंकि कभी ना कभी आप ओर हम स्टूडेंट जरूर रहे होंगे या अभी भी है !

दसवी पास करके नया सब्जेक्ट लेना हो, या ग्रेजुएशन के लिए कोर्स लेना हो , हर लेवल पर , या तो आपको ज्ञान दिया जाएगा , या आप पर कुछ थोप दिया जाएगा , ओर यदि मन चाहा कोर्स मिल भी गया तो आपको सही दिशा और मार्गदर्शन मिले या न मिले ! इस  पूरे सफर में एक स्टूडेंट क्या करना चाहता है ?, क्या जानना चाहता ? ये ज़रूरी मुद्दा है , ये जो "छात्र जीवन -स्टूडेंट लाइफ" जीवन का जितना अच्छा समय होता है उतना ही नाजुक भी ,ऐसे में हर स्टूडेंट को ज़रूरत होती है किसी अपने की , चाहे वो उसका टीचर हो, माँ हो, पिता , भाई या दोस्त कोई भी !
जरा सोचिए एक नाज़ुक मन की स्थिति के बारे में , क्या किसी के सपने मारे तो नही जा रहे , या किसी का भविष्य दांव पर तो नही लग रहा है ? क्या कोई बच्चा तनाव में या किसी गलत रास्ते पर तो नही जा रहा ? आते है न मन मे ये सवाल ? आज के इस अनिश्चितता भरे इस दौर में जब भी कोई स्टूडेंट आपको मिले आपके घर मे , परिवार में  तो उसे समझिये , समझाइये , ना कि आप भी उनके मन पर बोझ छोड़ आये ! कच्चे घड़े की तरह होता है ये जीवन का ये हिस्सा , जहां एक अनकही ज़रूरत है इन्हें आपकी मदद की , अपनेपन  ओर हौसलाअफजाई की ।

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