poem on manisha valmiki rape case

टूट गई वो 
दरिंदो के कहर से |

कैसे निकल पाती वो 
भेड़ियों के भंवर से |

 इंसानियत कांप उठी 
लेकिन इन दरिंदो के हाथ ना कापें डर से |

मोमबत्तियां जला ली 
सड़कों पर बैठ लिए 
पर आज भी कोई लड़की अकेली निकल नहीं पाती
इन दरिंदो के डर से |

ना हो मुकदमे की ज़रूरत अब, और ना तारीखों की सुबहें ...

ऐसी सजाएं दो इन नरभक्षियो को
की इनकी लाशे भी चीखती रहे 
इनकी कबर से  ||

#justice for Manisha Valmiki 
#justice for humanity 🙏

Writer :- Ashish Sharma
Instagram handle :- ashish_0318_

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