'फ़ोटो नही लगाने से नेताजी हुए नाराज़ ' फ़ोटो कहने को तो यादो को सहेजने का साधन है ,लेकिन इसकी अहमयित आज भी उतनी ही बरकरार है जितनी पहले हुए करती थी ! बड़े खास होते है ये फ़ोटो शादी से लेकर किसी के गम तक मे इनका बड़ा नाम ओर काम होता है , हम उस समय से काफी आगे निकल चुके है जब एक फोटोग्राफ खिंचवाने के लिए किसी व्यक्ति को घण्टो कैमरे के आगे एक ही मुद्रा में किसी मूर्ति की तरह रहना पड़ता था , समय के साथ तकनीक के बूते पर आज हम मोबाइल से ही एक क्लिक करके फोटो या पिक ले सकते है ! आईडी कार्ड से लेकर पासपोर्ट तक , कागज़ के आवेदन से लेकर सोशल मीडिया के प्रोफाइल तक ये हमारी पहचान का एक खास ज़रिया बन गया है । किसी के लिए खुशी का मौका हो या दुख का आज लोग ,लोग अपनी भावनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से लोगो के साथ साझा करते है, किसी चीज़ का प्रचार हो या प्रसार तब तो ये ओर महत्वपूर्ण हो जाता है , लोगो के बीच फ़ोटो की अहमियत का अंदाज़ा आप इस बात से भी लगा सकते है कि रोजाना पढ़े जाने वाले अखबार में अगर आपकी तस्वीर या फ़ोटो किसी अच्छी खबर के साथ छप जाये तो उसकी खुशी का ठिकाना...
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