एक खास अहसास....दोस्ती

दोस्ती.......
 नमस्कार, हम  भारतीय  लोगो के लिए हर चीज़ के अलग ओर खास माईने होते है , ऐसी ही खास चीज़ो में शामिल है, हमारा परिवार और  उससे जुड़े रिश्ते ,  आमतौर पर भारतीय संस्कृति में ही परिवार और उससे जुड़े रिश्ते सबसे ज्यादा होते है और उनसे ज्यादा उनकी अहमियत , जो की एक इंसान को दूसरे से जोड़े रखती है, फिर चाहे वो दुनिया के किसी भी हिस्से में हो!  इन्ही खास रिश्तो से परे एक बेहद खास रिश्ता होता है  "दोस्ती" का, वह रिश्ता जिसमे हम शायद एक दूसरे से बिल्कुल परे होने पर भी एक दूसरे से जुड़ जाते है ! 

दोस्ती एक ऐसा भाव है जो की लोगो को आपस मे जोड़ता है , यह एक अनजान से दूसरे अनजान , या अपने किसी परिवार के व्यक्ति से हो सकती है ,  हम उम्र  नोजवानो , बच्चो , ओर बड़े लोगो के लिए दोस्ती के अपने मतलब है , कई बार तो हमारे दोस्त भी हमारे परिवार का हिस्सा हो जाते है , दोस्त एक ऐसा नायाब  एहसास है  जिसके अंदर रहते हुए हम लोगो को जानने , समझने लगते है , बिना किसी शर्त के उन्हें चाहने लगते है, पसन्द करते है, उनका भला चाहते हों और उनकी फिक्र भी  करते है , एक अनजान से मिलना , उसे समझने तक की यात्रा में हम उससे जुड़कर एक अलग रिश्ता बना लेते है , 

एक दोस्त के तोर हम आज के समय उसे अपना दोस्त समझने की भूल कर बैठते है जो कि सिर्फ हमारी तारीफ करे ,हमारे आगे पीछे घूमे , या हमेशा हमे कुछ दे ओर बदले में हमे कुछ न देना पड़े बस,  क्या आपके लिये भी दोस्ती और एक सच्चे दोस्त के मायने यही होंगे? जाहिर तौर पर बिलकुल नही क्योंकि सच्ची दोस्त में कभी  भी स्वार्थ या खुदके फायदे के लिए जगह होती है , जितने अलग लोग उतनी ही उनकी भावनाएं ओर दोस्ती की अहमियत !

एक सच्चा दोस्त हमेशा अपने साथी का भला चाहता है , चाहे समय अच्छा हो या बुरा उसे सम्भालता है, ओर इसका साथ निभाता है! दोस्ती एक ऐसा रिश्ता होता है जहाँ आप ओरो से जुड़ते है , समझते है, ऐसे समय में जरूरी यह भी है कि एक सही दोस्त का चुनाव करते वक्त हमारा ,उस इंसान को परखना भी उतना ही ज़रूरी है , वैसे दोस्ती में किसी को परखने की जरूरत तो नही लेकिन आज के समय को देखते हुए लोगो में दोस्ती के नाम पर ऊँच-नीच परख ,बढ़ गयी है जो कि दोस्ती की परिभाषा को बदल देता है ,  तो यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि दोस्ती ओर एक सच्चे दोस्त का मतलब आपके लिए अलग हो , लेकिन यकीन मानिए , यह एक बहुत ही प्यारा रिश्ता है , सँभाल के रखिये, ओर जीते रहिये 🙏
                                        विनय मरमट

Comments

  1. एक दोस्ती ही है जिसे इंसान दिमाग से नही दिल से बनाता है। बनाता भी नही बल्कि बन जाता है ।। इन अनूठे रिश्ते को अनेक नामों से जाना जाता है । जिसका एक ही भाव है निःस्वार्थ प्रेम ।। शुक्रिया मेरे प्रिय दोस्त

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