"खुद की खोज"
नमस्कार! कैसे हैं आप ? इस प्लेटफ़ॉर्म पर हमने कई मुद्दों पर चर्चा की है लेकिन आज हम आपके बारे में बात करते हैं. हाँ, आपने सही पढा यह आपके बारे में है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं यह महामारी वास्तव में हम सभी को कई तरीके से प्रभावित कर रही है यह न केवल हम को शारीरिक रूप से विकलांग बना रही है बल्कि यह हम सभी को मानसिक रुप से भी प्रभावित कर रही है। हम में से कुछ लोग जीवन में उम्मीद खो चुके हैं और नाउम्मीदी के साथ जीवन जिये जा रहे हैं हमें सिखाया जाता है की सबसे से प्यार करो ,सभी का सम्मान करें और सभी को समय दें लेकिन कोई भी आपको यह एहसास नहीं कराता है कि स्वयं से प्यार करना कितना महत्वपूर्ण है, स्वयं का सम्मान करना और स्वयं को समय देना कितना महत्वपूर्ण है! वस्तुतः हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जहाँ हम खुशी का नकाब पहनकर जीते जाते हैं हम अंदर से कितने भी टूटे हो पर लोगों को हमेशा खुश ही नजर आने का प्रयास हीं करते हैं हमारे अंदर हमेशा एक जंग छिड़ी रहती है कि हम क्या करें जो हम चाहते हैं या जो लोग हमसे चाहते है व्हाट्सएप...